हसरत है जिंदगी में कुश करने की।
तम्मना है दिल की बातों को कहने की।
मेने समझा जमाना मेरा है यू तो ।
वहम निकला जब पास से देखा इस जमाने को।
क्यो नही सब मिल जाते हुम्
क्यो रखते है नफरत एक दूसरे से ।
मिटा दे दूरिया यह दिल।की हम
एक दूसरे का धयान रखते हुम् ।
वो बी मायूस नही है हमसे बस हममें ही कमी थी कोई
जो न पा सके उस परमात्मा की रहमत को


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